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चीन की अहसानफरामोशी से दुनिया हैरान, कोरोना से लड़ने को इटली से दान में मिला सामान उसी को बेचा




विदेश: दुनिया की आधी आबादी को लॉकडाउन में घर बिठा चुकी और 183 देशों में 12 लाख से ज्यादा मरीज और 70 हजार से ज्यादा मौत की सूत्रधार कोरोना वायरस बीमारी की शुरुआत जिस चीन से हुई, उसकी इटली से अहसानफरामोशी से ग्लोबल लीडर्स हैरान हैं। चीन में कोविड 19 बीमारी के मामले दिसंबर में शुरू हुए थे और जब इसका असर इटली समेत यूरोप के किसी देश पर नहीं था तब इटली ने उदारता दिखाते हुए कोरोना से मुकाबले के लिए चीन को पीपीई यानी पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट्स की बड़ी खेप मदद में भेजी थी।

इटली आज कोरोना से सबसे ज्यादा नागरिक गंवाने वाला देश बन चुका है। जब इटली ने चीन से पीपीई की मदद मांगी तो चीन से उसे वो सामान दान या मदद में नहीं, व्यापारी की तरह बेचकर दिया। मास्क, ग्लव्स, फुल बॉडी ड्रेस जैसे सामान पीपीई में आते हैं जिनका इस्तेमाल डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ मरीजों की इलाज के दौरान खुद को संक्रमण से बचाने के लिए करते हैं।

चीन के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान में दिसंबर को टूटा कोरोना का कहर आज पूरी दुनिया को अपनी आगोश में ले चुका है। अमेरिका जैसा शक्तिशाली देश भी बदहाली में है जहां लगभग 3 लाख 38 हजार लोग कोरोना पॉजिटिव निकले हैं और 9600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका से लेकर भारत तक अर्थव्यवस्था बुरी तरह डगमगा रही है क्योंकि कल-कारखाने और व्यापार के ज्यादातर मौके बंद हैं और लोगों की नौकरियां जा रही हैं। इटली कोरोना का सबसे बड़ा शिकार बना है जहां दुनिया में सबसे ज्यादा 15887 लोग अब तक इस बीमारी से मर चुके हैं और 128948 लोग कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। भारत में भी 4000 से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं जबकि 100 से ज्यादा की मौत हुई है। चीन ने इटली को भेजी गई पीपीई को पूरी दुनिया के सामने इस तरह पेश किया जैसे उसने कोई मानवीय मदद की हो। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने खुलासा किया है कि चीन ने इटली को ये सामान पैसे लेकर बेचे, कोई मदद नहीं की। ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमेरिकी मीडिया से कहा कि चीन ने बेचने से भी गंदा काम किया है क्योंकि इटली ने जो पीपीई उसे मदद में भेजे थे, वही सामान चीन ने उसे बेच दिया। इस अधिकारी ने बताया कि यूरोपी में कोरोना का असर दिखने से पहले इटली ने कई टन पीपीई चीन को मदद के तौर पर भेजा था। चीन ने उसी पीपीई से कुछ पीपीई इटली को भेजे हैं, पैसे वसूल कर। ट्रंप प्रशासन के इस दावे पर अभी तक चीन की प्रतिक्रिया नहीं आई है।

वैसे चीन से पीपीई ले रहे कई देशों में उनके खराब निकलने की शिकायतें भी आई हैं। स्पेन ने चीन से मंगाए 50 हजार कोरोना टेस्ट किट वापस भेज दिए थे क्योंकि वो खराब थे। नीदरलैंड ने भी चीन से आए मास्क की शिकायत की तो चीन ने उसे नसीहत दी कि इस्तेमाल से पहले मास्क के पैकेट पर लिखे निर्देश पढ़ लें। ट्रंप के अधिकारी ने तो यहां तक कह दिया कि चीन के अधिकारी ये कहते घूम रहे हैं कि वो इटली और विकासशील देशों की मदद कर रहे हैं जबकि सच्चाई ये है कि उन्होंने बाकी देशों को सही समय पर सही सूचना नहीं देकर पूरी दुनिया में कोरोना का संक्रमण फैलाया है।


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